क्या एक ही तहसील में लंबे समय से जमे लेखपालों की भी चलेगी तबादला एक्सप्रेस!

क्या एक ही तहसील में लंबे समय से जमे लेखपालों की भी चलेगी तबादला एक्सप्रेस!
क्या एक ही तहसील में लंबे समय से जमे लेखपालों की भी चलेगी तबादला एक्सप्रेस!
क्या एक ही तहसील में लंबे समय से जमे लेखपालों की भी चलेगी तबादला एक्सप्रेस!
रिपोर्ट-- रोहित मिश्र
मोo-- 7618996633

रायबरेली--सदर तहसील का नाम आते ही उन लेखपालों पर लोगो का ध्यान केंद्रित हो जाता है जो दो चार वर्षों से नही बल्कि बीते कई वर्षों से एक ही तहसील में घूम फिर कर अपनी तैनाती करवा कर सरकार की जीरो टॉल्वेन्स की नीति को मुँह चिढ़ा रहे है। लगातार कलेक्ट्रेट के अधिवक्ताओं द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर व तहसील परिसर में लंबे समय से एक ही सीट पर कुंडली मार कर बैठे बाबुओं के विरोध में हल्ला बोला जा चुका  है वही अब लोगो को उम्मीद है कि सदर तहसील में लंबे समय से जमे लेखपालों पर भी कार्यवाही का चाबुक चलेगा।

लेखपालों के लिए सदर तहसील ही क्यो है सबसे अच्छी तहसील!
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दरअसल सदर तहसील में प्रापर्टी डीलरों की इसलिए बल्ले बल्ले हो जाती है क्योंकि लंबे समय से घूम फिर कर सदर तहसील में तैनात कुछ लेखापाल उनके इस गोरख धंधे में कदम से कदम मिला कर चल रहे है जिससे अब तो ग्रीन लैंड में भी प्रापर्टी की क्रय विक्रय शुरू हो गई है। जिसमे मुख्य भूमिका लंबे समय से तैनात लेखपालों की बताई जा रही है।

इस पूरे मामले में जिम्मेदारों का नही रिसीव हुआ फोन---
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वही इस पूरे मामले में एसडीएम  सदर  अंशिका दीक्षित को फोन कर जानकारी चाही गई तो उनका फोन रिसीव नही हो सका साथ ही तहसीलदार सदर ने फोन तो उठाया पर कहा कि यह कार्यवाही मेरे हाथ मे नही है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या लंबे अरसे से जमे लेखपालों पर कोई कार्यवाही होती है या नही यह तो आने वाला समय ही बताएगा पर लगातार यह जरूर देखने मे आ रहा है सदर तहसील में एक दो नही बल्कि दर्ज़नो लेखपाल ऐसे है जो कई वर्षों से घूम फिर कर अपनी तैनाती सदर तहसील में करवा कर सरकार के साथ साथ आलाधिकारियों को खुली चुनौती दे रहे है।

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