दलितों की जमीन पर दबंग कर रहे हैं कब्जा

दलितों की जमीन पर दबंग कर रहे हैं कब्जा
-पीड़ित परिवार ने एस.पी. से लगायी गुहार
-जान-माल की सुरक्षा की मांग किया

रायबरेली--थाना गुरूबक्शगंज क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम ओनई पहाड़पुर पर स्थित दलितों की भूमि पर वहीं के स्थानीय दबंग जबरदस्ती कब्जा करना चाह रहे हैं और दलितों को जान से मारने की धमकी देकर मौके से भगा दिया और कहा कि इस जमीन पर आओगे तो तुम्हें जिन्दा नहीं छोड़ेंगे, दबंगों से परेशान दलित परिवार ने पुलिस अधीक्षक रायबरेली की चैखट पर आकर न्याय की गुहार लगायी और अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग की, पुलिस अधीक्षक को दिये गये प्रार्थना-पत्र में पीड़ित परिवार ने लिखा है कि प्रार्थी ने दिनांक 11-05-2015 को रामसजीवन कोरी व रामसनेही कोरी पुत्र हरदीन कोरी निवासी ग्राम पतुरियनखेड़ा, मजरे ओनई पहाड़पुर, थाना गुरूबक्शंज, तहसील सदर, जिला रायबरेली से भूमि गाटा संख्या-690मि0 क्षेत्रफल 0.1900हे0 स्थित ग्राम ओनई पहाड़पुर, परगना, तहसील सदर, जिला रायबरेली के बकदर हिस्सा 1/3 भाग यानी 633.33 वर्ग मीटर में से 2/3 भाग यानी 275.015हे0 वर्ग मीटर खरीदा था तथा उक्त का दाखिल खारिज भी हो गया है।  यह कि प्रार्थी अपनी उक्त भूमि पर काबिज, दखील चला आ रहा है।  प्रार्थी दिनांक 03-11-2020 अपने गांव के मजदूरों के साथ अपने उक्त प्लाट पर नींव खोदवा कर पिलर बनवा रहा था, तभी पिन्टू यादव, देशराज यादव, बुद्धीलाल यादव कोटेदार व अशोक यादव पुत्र देशराज निवासी पूरे फत्ते बहादुर, मजरे डोमापुर, थाना गुरूबक्शगंज, जिला रायबरेली एकराय होकर मौके पर आकर नींव व पिलर खोदने से मना किया, तब मैंने कहा कि यह जमीन मेरी है, मैंने बैनामा लिया है, बैनामा लेने के बाद से मेरा कब्जा है, इतने में ही ये लोग प्रार्थी को माँ-बहिन की जातिसूचक साले पासी मादरचोद गाली देने लगे, मैंने गाली देने से मना किया तब ये सभी लोग मुझे लात-घूसों व लाठी, डण्डा से मारे-पीटे थे, जिसकी शिकायत प्रार्थी ने 112 नम्बर व थाना गुरूबक्शगंज व तहसील सदर रायबरेली में प्रार्थना-पत्र दिया था, इसी क्रम में दिनांक 20-02-2021 को हल्का लेखपाल व कानूनगो मौके पर आये और विपक्षीगण के दबाव में गलत नाप-जोख व पैमाइश करने लगे, जिसका प्रार्थी के विरोध तथा उक्त गलत समझौता को मानने से प्रार्थी ने मना कर दिया।  दिनांक 22-02-2021 को समय लगभग 9ः00 बजे सुबह प्रार्थी अपनी पत्नी शिवकला एवं मजदूरों के साथ अपने प्लाट पर फैले हुए ईटा व मौरंग आदि इकट्ठा कर रहा था, तभी पिन्टू यादव अपने उक्त साथियों के साथ मौके पर आकर गन्दी-गन्दी जातिसूचक गाली साले मादरचोद पासी तेरा दिमाग खराब हो गया है, तू जानता नहीं है, इस क्षेत्र में मेरा राज चलता है, मैं मुकदमा व पुलिस से नहीं डरता हूँ, पुलिस प्रशासन मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता है और तूने हम लोगों के खिलाफ थाने में प्रार्थना-पत्र दिया है, लेखपाल तो वही करेगा जो मैं चाहूँगा, मैंने तो छोट्टन कोरी की जमीन जबरदस्ती कब्जा करक दुकान बना लिया है, मेरा कोई कुछ नहीं कर पाया, साले पासी तुम जमीन छोड़कर भाग जाओ या औने-पौने दाम में मुझे बेंच दो, अन्यथा तुम यहाँ नहीं रह पाओगे, प्रार्थी ने इनकी बातों का विरोध किया तब पिन्टू यादव ने अपने साथियों को ललकारा कि मारो साले मादरचोद पासी को यह ऐसे नहीं मानेगा, इसे मारकर यहीं जमीन में गाड दिया जाये, सभी विपक्षीगण प्रार्थी को लात-घूसों से मारने लगे, तब बचाने मेरी पत्नी आयी, उसे भी मारा-पीटा, तभी मेरे गांव मेरे साथ गये हुए।
 प्रेमलाल पासी पुत्र स्व0 राम बहादुर, मंशाराम पासी पुत्र रामफेर भी बीच-बचाव कराने लगे, इन्हंे भी विपक्षीगण ने लात-घूसों से मारा-पीटा।  पिन्टू यादव ने मेरी पत्नी का हाथ पकड़कर खींच लिया तथा जमीन पर गिरा दिया, जिससे मेरी पत्नी के कपड़े आदि फट गये तथा वह बेपर्दा हो गयी।  शोर पर काफी लोग इकट्ठा हो गये, तब विपक्षीगण आइन्दा जान से मार डालने की धमकी दी तथा यह भी धमकी दिया कि यदि कोई हम लोगों के विरूद्ध पुलिस को गवाही देने की हिम्मत किया तो उसका हाल और बुरा होगा तथा मौके से धमकी देकर चले गये, तब प्रार्थी व उसकी पत्नी तथा साथ गये मजदूर भयवश जान बचाकर तथा लुक-छिपकर किसी तरह अपने घर को चले आये।  विपक्षीगण के मारने से प्रार्थी व अन्य लोगों को काफी अन्दरूनी चोटे भी आयी हैं।  पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है।

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